Domain Name Kya Hai ? 2020


       आज की पोस्ट में आपको बताऊगा की Domain क्या है, Domain Rajister करने की फीस कितनी है और कहाँ रजिस्टर करना होता है, और इसमे कितना खर्च आ

ता है। अगर आप Internet पर अपनी Website बनाना चाहते है तो सबसे पहले आपको एक Domain Name खरीदना होगा।



सीधे शब्दों में कहे तो आपकी वेबसाइट का बेब अड्रेस है । जिस तरह से आपके घर का अड्रेस होता है ।
उदाहरण के तौर पर google.com, facebook.com, ऐसे वेब अड्रेस हर वेबसाइट की पहचान होते है, आप यह समझ ले जिस तरह लिफाफे पर डाक का पता होना जरुरी है ठीक उसी तरह वेबसाइट के लिए डोमेन नेम होना जरुरी है ।






वास्तव में Domain Name एक Web Address है. जिसकी सहायता से हम Particular Website पर जा सकते है. Internet के शुरुवाती टाईम मे बहोत कम Website थी. तब Domains name नहीं होता था. उस टाईम मे कीसी भी Website पर जाने के लिये, Ip Address का उपयोग होता था जिनको याद रखना कठिन था. ईसीलिए Future में आने वाली मुसीबत, और स्थिति को देखते हुए. डोमेन नेम को लागु कीया गया. जो याद रखने में काफी आसान है.




सभी डोमेन नाम का एक अनोखा Unique) IP Address होता हैं क्योंकि इंटरनेट सम्पूर्ण IP Address पर आधारित हैं, डोमेन नाम पर नही  IP Address मतलब Internet Protocol Address. जो कूछ इस प्रकार से में होता हैं 192.168.255.140 जीनको याद रखना ज्यादा मुश्किल था इस कारण से सभी IP Address को एक नाम दे दिया गया, जिसे आज के टाइम मे हम Domain Name से जानते है


Domain खरीदने में कितने रुपये लगते है ?



डोमेन खरीदने के लिए 1 साल की  फीस 99 रुपये से 6000 रुपये तक हो सकती है निर्भर करता है की आप कौन सा एक्सटेंसन का डोमेन खरीद रहे है। अलग-अलग डोमेन की कीमत होता है। डोमेन नेम में डॉट या बिंदु (.) के आने वाले हिस्से को डोमेन एक्सटेंसन कहा जाता है।



अलग–अलग डोमेन एक्सटेंसन के लिए अलग-अलग कीमत ली जाती है जो डिमांड और सप्लाई के आधार पर बदलती रहती है , कभी-कभी .in डोमेन 99 और .com डोमेन 299 रुपये में भी उपलब्ध हो जाती है और कभी वह499 से 999 रुपये तक पहुँच जाता है ।



Website के लिए कितना बड़ा Domain रख सकते है ?



अपनी वेबसाइट के लिए आप अग्रेजी के 3 Word  से  63 Word की सीमा के अंदर रहते हुए चाहे जैसा Domain Name ले सकते है, लेकिन यह ध्यान रहे उस पर कोई क़ानूनी शिकायत या रुकावट न हो, आप जितना छोटा डोमेन ले उतना ही अच्छा है।




डोमेन के प्रकार 




वैसे तो डोमेन नेम के कई सारे प्रकार होते हैं। लेकिन कुछ ऐसे महत्वपूर्ण डोमेन नेम हैं। जिनके बारे में जानकारी रखना बेहद जरूरी है। ताकि जब कभी भी कोई व्यक्ति डोमेन नेम का चुनाव करें तो सोच समझ कर फैसला ले।


1. TLD – Top Level Domains

Top Level Domains (TLD) को Internet Domain Extension के नाम से भी जाना जाता है। यह डोमेन का वह आखिरी हिस्सा है जिसे SEO के नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण समझा जाता है। इसे कोई भी खरीद सकता है। TLD को गूगल भी काफी तवज्जो देता है। TLD के उदाहरण है,


  • .com (commercial)
  • .org (organization)
  • .net (network)
  • gov (government)
  • .edu (education)
  • .name (name)
  • .biz (business)
  • .info (information)


2. CC TLD – Country Code Top Level Domains

इस प्रकार के डोमेन का इस्तेमाल आमतौर पर किसी देश को ध्यान में रखकर किया जाता है। आसान शब्दों में कहें तो यह डोमेन नेम में एक तरह का कंट्री कोड होता है।


  • .us: United States
  • .in: India
  • .ch: Switzerland
  • .cn: China
  • .ru: Russia
  • .br: Brazil


Subdomain Name क्या है



अपने डोमेन से मिलते जुलते डोमेन के माध्यम से अगर आप एक दूसरे वेबसाइट को लांच करते हैं या चलाते हैं। तो इस दौरान आपको Subdomain की मदद लेनी होती है। यह भाग आपके डोमेन नेम कि पहले आने वाला भाग होता है। अगर आप डोमेन खरीदते हैं तो Subdomain की सर्विस आपको फ्री में भी मिल सकती है।



क्या मुफ्त में डोमेन नेम रजिस्टर कर सकते है ?



अगर आपके लिए आपकी वेबसाइट का डोमेन एक्सटेंशन कोई खास मायने नहीं रखता है, यो आप फ्री में डोमेन नेम ले सकते है । फ्री में domain रजिस्टर करने के लिए आप  वेबसाइटो पर जाकर free me डोमेन रजिस्टर कर सकते है ।


  • www.freedomain.co.nr (.co.nr)
  • www.freenom.com (.tk .ml .ga .cf .gq)


डोमेन के लिए .com बेहतर या ,In



आम तौर पर वेबसाइट के लिए .com बेहतर एक्सटेंशन है,क्योकि जब कोई वेबसाइट के नाम की कल्पना करता है । तो सबसे पहले .com ही मन में आता है । .com ही पूरी दुनिया का मशहूर डोमेन एक्सटेंशन है और डोमेन नेम की Resell Market में इन्ही नामो की सबसे ज्यादा कीमत भी मानी जाती है । जहाँ तक मुमकिन हो, कारोबारी लोगो को भी इसी एक्सटेंशन वाला डोमेन लेना चाहिए।


स्कूल, कालेज संस्थानों को .edu या .org गैर सरकारी संस्थानों को .org एक्सटेशन की प्राथमिकता देनी चाहिए।
भारतीय कंपनियों के बीच .in एक्सटेंशन .com एक्सटेंशन के बाद दूसरी सबसे बड़ी पसंद है।
अब आपको ही चुनना है की अपनी वेबसाइट के लिए डॉट कॉम एक्सटेंशन ले या डॉट इन।